स्टील के बक्से से 60 समूहों तक: गांव की महिलाओं के हाथ में बदलती आर्थिक जिम्मेदारी
सारनाथ के पास एक गांव में 15–20 महिलाओं का एक छोटा-सा समूह, स्टील का बक्सा, रजिस्टर और एक महिला जो खुद कोषाध्यक्ष बताती है। मीना चौबे के इस अनुभव में ग्रामीण महिलाओं की बदलती आर्थिक भूमिका की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण तस्वीर दिखाई देती है।



















































































