क्या समाज की सेवा के लिए किसी पद की जरूरत होती है?
पद, पैसा और पहचान सीमित हों तब भी क्या कोई व्यक्ति समाज के काम आ सकता है? शायद सवाल सेवा से पहले सोच का है।
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