Last Pickup | Office Cab में उसका Stop पहले आता था
Rohit और Neha महीनों तक same office cab share करते रहे।
ना confession, ना relationship — बस late night rides, “Reached?” messages और एक खाली seat की आदत।
✒️ An InnaMax StoryLab Original
Neha फिर late थी।
Cab driver तीसरी बार horn बजा चुका था और Rohit पीछे वाली seat पर laptop bag गोद में रखे window के बाहर देख रहा था। Sector 62 की सड़कें रात में हमेशा अधूरी लगती थीं — जैसे office buildings सोती नहीं, बस थोड़ी देर dim हो जाती हैं।
“बस 2 minute!”
Neha ने gate से भागते हुए हाथ हिलाया।
वह हमेशा यही बोलती थी।
और हमेशा 5 minute लगाती थी।
Cab चल पड़ी।
“आज फिर manager ने रोका?” Rohit ने पूछा।
Neha ने सिर seat पर टिकाया।
“Content rewrite। Fourth time.”
फिर हँस दी।
“शायद उनको भी नहीं पता क्या चाहिए।”
Driver ने धीरे से radio on कर दिया।
कुछ देर सिर्फ keyboard typing की आवाज़ आती रही। Rohit Slack replies कर रहा था। Neha phone screen brightness कम करके memes scroll कर रही थी।
फिर अचानक उसने पूछा—
“Tum रोज इतना चुप क्यों रहते हो?”
Rohit ने window की तरफ देखते हुए कहा,
“Tum रोज इतना बोलती क्यों हो?”
Neha हँसी।
वही छोटी वाली हँसी।
जैसे आधी नींद में आती है।
उस रात पहली बार उसने अपना phone Rohit की तरफ बढ़ाया।
“देखो ये meme।”

उसके बाद यह routine बन गया।
रात की cab।
Same pickup points।
Same tired faces।
Same “Reached?” message office group पर।
लेकिन धीरे-धीरे कुछ चीजें बदलने लगीं।
Rohit अब हमेशा left side वाली seat छोड़ देता था। क्योंकि Neha को window side पसंद थी।
Neha cab में बैठते ही पूछती,
“Power bank है?”
और बिना जवाब सुने उसका bag खोल लेती।
एक रात बहुत बारिश थी।
Cab Sector 62 signal पर फँसी हुई थी। Windows पर पानी की lines नीचे खिसक रही थीं। Driver chai लेने उतर गया।
Neha quietly बाहर देख रही थी।
“Tum कभी switch नहीं करते?” उसने पूछा।
“क्या?”
“Job।”
Rohit ने हल्का सा कंधा उचकाया।
“हर company का same dashboard होता है।”
“और लोग?”
वह question थोड़ी देर हवा में रुका रहा।
Rohit जवाब नहीं दे पाया।
उस रात पहली बार cab में silence awkward नहीं लगा।
धीरे-धीरे Rohit छोटी चीजें notice करने लगा।
Neha जब stress में होती थी तो nails नहीं, hoodie की sleeves खींचती थी।
Late night rides में वह songs नहीं सुनती थी। बस earphones लगाए रहती थी ताकि कोई बात न करे।
और हर drop के बाद—
“Reached?”
यह message हमेशा वही भेजती थी।
एक रात Rohit office पहुँचा तो cab sheet security desk पर रखी थी।
उसने casually नाम देखे।
Rohit.
Vikas.
Anjali.
Deepak.
Neha नहीं थी।
उसने दोबारा देखा।
फिर तीसरी बार।

“Bhaiya, updated sheet है?” उसने security guard से पूछा।
“हाँ sir। Kal से internal transfer हुआ है शायद।”
बस इतना।
कोई farewell नहीं।
कोई goodbye नहीं।
कोई “stay in touch” भी नहीं।
उस रात cab unusually खाली लग रही थी।
Driver ने आदत से पूछा—
“Sir, madam को call करना है क्या नीचे आने के लिए?”
Rohit ने कुछ seconds बाद कहा—
“नहीं… आज नहीं आएँगी।”
Cab आगे बढ़ गई।
उसके बाद कई रातों तक Rohit automatically left side seat खाली छोड़ देता।
फिर खुद ही realize करता।
एक बार उसने office group खोला।
Neha का last message अभी भी pinned था—
“Reached everyone?”
उसने chat खोली।
Personal message करने का कोई option ही नहीं था।
उन्होंने कभी personal numbers exchange नहीं किए थे।
एक रात बहुत fog थी।
Cab वही पुराने route से जा रही थी। Driver ने Sector 62 वाले stop के पास आते ही speed धीमी कर दी।
फिर शायद उसे याद आया।
उसने बिना कुछ बोले accelerator दबा दिया।
Rohit ने window के बाहर देखा।
Bus stop खाली था।
लेकिन उसने उस रात भी थोड़ा सा side हटकर बैठना नहीं छोड़ा।
“कुछ आदतें शायद लोगों के जाने के बाद शुरू होती हैं।”

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