“क्या हुआ beta?” — दादी की एक बातचीत जिसने उसका दिल हल्का कर दिया
एक emotional rainy-evening conversation जहाँ दादी अपने grandchild को failure, self-doubt और life में फिर से कोशिश करने की ताकत समझाती हैं।
✍️ by Sadhana| StoryLab Originals | InnaMax News
“क्या हुआ beta? आज इतने चुप क्यों हो?”
दादी ने धीरे से अपने grandchild का हाथ पकड़ा और पूछा।
बच्चा थोड़ा मुस्कुराया, लेकिन आँखों में उदासी साफ दिख रही थी।
उसने धीरे से कहा,
“Dadi… mujhe lagta hai mai life me kuch बड़ा नहीं कर पाऊँगा।
मैं कोशिश करता हूँ… but जल्दी हार मान लेता हूँ।”
दादी हल्का सा हँसीं।
उन्होंने चाय का cup उसकी तरफ बढ़ाया और बोलीं,
“Tumhe पता है… जब मैं तुम्हारी age की थी ना,
तब हमारे पास इतने comforts नहीं थे।
ना mobile, ना internet, ना proper light।
Exam के time लालटेन में पढ़ते थे।
कई बार लगा कि छोड़ दूँ…
but हर सुबह खुद से बोलती थी —
‘एक बार और कोशिश करते हैं।’”
बच्चा अब ध्यान से उनकी बातें सुन रहा था।
दादी ने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरते हुए कहा,
“Life में successful वही लोग होते हैं
जो fail होने के बाद भी खुद पर doubt करना बंद नहीं करते।
रोना गलत नहीं है beta…
गलत तब होता है जब इंसान कोशिश करना छोड़ दे।”
कमरे में हल्की बारिश की आवाज आ रही थी।
टेबल पर रखी चाय से steam उठ रही थी।
और उस छोटे-से moment में
बच्चे को ऐसा लगा जैसे उसके दिल का बोझ थोड़ा हल्का हो गया हो।
उसने धीरे से मुस्कुराकर कहा,
“Dadi… आपसे बात करके हमेशा peace मिलता है।”
दादी ने उसका हाथ दबाया और बोलीं,
“Because मैं सिर्फ तुम्हारी बातें सुनती नहीं…
feel भी करती हूँ।”

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