Dr. Ajit Saigal — जिनके नाम पर है Patent, जिनके OT में बजती है भैरवी

InnaMax Profile — Dr. Ajit Saigal| Series: Medical Minds
बनारस के एक ऑपरेशन थियेटर में भैरवी बज रही है।
Ustad Bismillah Khan साहब की शहनाई। मरीज़ मेज़ पर है। सर्जन के हाथ काम पर हैं। और उन हाथों में एक ऐसी plate है — जिस पर उन्हीं का नाम छपा है।
यही उनकी दुनिया है। यही उनका तरीका है।
Background — काशी की विरासत, अपना चुनाव
बनारस — दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहर, काशी — में एक प्रतिष्ठित डॉक्टरों के परिवार में जन्म लिया Dr. Ajit Saigal ने। विरासत तो थी ही — पर चुनाव भी उनका अपना था।
आज वे Mangalam Clinic & Trauma Centre से operate करते हैं। 46 साल की practice। हज़ारों घुटने। एक patent।
Expertise — घुटना जिसे उन्होंने समझा, कम लोग समझ पाए
घुटने की बीमारी कोई उम्रदराज़ों की कहानी नहीं है।
“शायद लगभग हर घर में एक बुजुर्ग इस बीमारी से पीड़ित रहता है।”
Dr. Ajit Saigal बताते हैं कि Osteoarthritis — घुटने की गठिया — चार grades में होती है।
Grade 1–2: हल्का दर्द, शुरुआती असर।
Grade 3: जोड़ घिसने लगता है, पैर टेढ़ा होने लगता है।
Grade 4: पूरी तरह replacement की ज़रूरत।
और उनका पूरा करियर इसी एक idea पर टिका है — “Knee Preservation।”
घुटने को बदलने से पहले बचाने की कोशिश।
Trade Insight — इलाज का वो हिस्सा जो अक्सर छूट जाता है
PRP — अपने ही खून से इलाज
Platelet Rich Plasma। Grade 1–2 के मरीज़ों के लिए।
“पेशेंट का ही blood लिया जाता है। उसको spin किया जाता है — double spinning से। और जो PRP की layer है उसको निकालकर activate किया जाता है।”
यह activation ज़रूरी है — और यही वो step है जो अक्सर छूट जाता है।
दो तरीके: Chemical activation और Photo activation।
जब activate होता है, तब alpha granules खुलते हैं, growth factors release होते हैं।
Cartilage की thickness बढ़ती है — MRI में दिखती है।
Dr. Ajit Saigal ने यह technique Melbourne में सीखी — Dr. Peter Lewis के साथ काम करके। वही protocol follow करते हैं: 15-15 दिन के तीन injections, फिर एक महीने बाद। हर साल एक booster।
बनारस में इसकी cost: ₹12,500–15,000 प्रति session। दिल्ली में यही ₹80,000 तक जाती है।
Saigal Steel Plate — एक invention जो पूरे हिंदुस्तान तक पहुँची
Grade 3 के मरीज़ों में — जब पैर टेढ़ा हो जाता है — एक procedure होती है जिसे High Tibial Osteotomy (HTO) कहते हैं।
हड्डी काटकर पैर सीधा किया जाता है।
वज़न की line — mechanical axis — correct होती है।
और घिसे हुए हिस्से पर load कम हो जाता है।
इस procedure के लिए Dr. Ajit Saigal ने खुद एक plate design की।
Patent उनके नाम पर है।
पूरे हिंदुस्तान में available है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत?
“इसको लगाने के बाद आप उकड़ूं बैठ सकते हैं। चौकड़ी मार के बैठ सकते हैं।”
यह सुनने में छोटी बात लगती है।
पर हिंदुस्तान के लिए — जहाँ पूजा है, Indian toilet है, ज़मीन पर बैठने की परंपरा है —
यह plate literally lifestyle-compatible है।
विदेशी plates की cost: ₹65,000+
इनकी plate: उससे लगभग आधी।
घुटने बदलने से पहले — यह देखना ज़रूरी है।
कभी-कभी एक बातचीत, पूरी कहानी साफ कर देती है।
मुश्किल वक़्त — जब उनके भी हाथ-पाँव फूल गए
कोलकाता से एक X-ray आया।
38 साल की लड़की।
कद: 4 फीट 2 इंच।
और घुटना — पूरी तरह बंद, दोनों तरफ से collapse।
“मैंने जब उसका X-ray देखा तो मुझे खुद थोड़े से हाथ-पाँव फूल गए।”
ऑपरेशन complex था।
Anatomy मुश्किल थी।
पर OT में भैरवी बज रही थी।
और जब वह लड़की बाहर आई — अच्छे से चलते हुए —
“ऊपर वाला मेहरबान है।”
बस इतना कहा उन्होंने।
एक और पहलू — डॉक्टर के अंदर का कलाकार
इनका सुबह भैरवी से होता है।
Ustad Bismillah Khan। Ustad Vilayat Khan। Talat Mahmood। Mehdi Hassan। Mohammed Rafi साहब।
और जब इंटरव्यू में host ने गुनगुनाने को कहा — तो गाया भी।
OT में भी music चलता रहता है।
इसके अलावा: Photography। सामाजिक लेखन। TV anchoring — Siti TV और Den Kashi पर “Hello Doctor” और “Health Watch” के 50 live episodes।
“Lok Manavadhikar Sansar” monthly newspaper के editor।
Rotary, Red Cross, Blind Federation — सब जगह presence।
यह सिर्फ डॉक्टर नहीं — एक पूरा institution है।
उनका नज़रिया — जहाँ इलाज नहीं, सोच बदलनी है
Self-medication — सबसे बड़ी गलती
“किसी भी हालत में self-medication नहीं करना चाहिए।”
Brufen और Combiflam खाकर भूल जाना —
और फिर एक साल बाद Grade 4 में पहुँचना —
यही pattern है जो उन्हें सबसे ज़्यादा तकलीफ़ देता है।
X-ray पर: एक ज़रूरी बात जो बहुत कम लोग जानते हैं — X-ray हमेशा खड़े होकर (standing view) करानी चाहिए।
लेटकर X-ray कराने पर जोड़ सही दिखता है — क्योंकि वज़न नहीं पड़ रहा।
असली स्थिति तब दिखती है जब load हो।
Expectations — हकीकत समझना ज़रूरी है
“50 साल के आदमी को 20 साल का नहीं बना सकते। प्रकृति को कोई defeat नहीं कर सकता।”
यह honesty — बिना false hope के — यही उनकी पहचान है।
InnaMax View — असली legacy क्या होती है
बनारस में orthopedics की दुनिया में एक नाम है जो सिर्फ local नहीं है।
Dr. Ajit Saigal ने एक ऐसा काम किया जो बहुत कम surgeons करते हैं —
उन्होंने एक real-world problem देखी, उसका solution design किया, उसे patent कराया, और उसे affordable रखा।
यह कोई corporate innovation नहीं थी।
यह एक काशी के डॉक्टर की सोच थी —
कि हमारे देश के लोग उकड़ूं बैठते हैं, इसलिए plate भी उसी हिसाब से बनेगी।
46 साल की practice में जो सबसे बड़ी बात नज़र आती है वो यह है:
वे सिखाते हैं।
Workshop में, OT calls पर, TV पर।
Knowledge को hold करके नहीं बैठे — distribute किया।

InnaMax की नज़र में — यह एक professional की असली legacy है। नाम plate पर छपे या न छपे।
“सिर झुकाकर अपना काम करते रहो। बाकी सब ऊपरवाला दे देता है।”
What People Often Ask
डॉ. अजीत सैगल कौन हैं? डॉ. अजीत सैगल वाराणसी के वरिष्ठ Orthopedic Surgeon हैं। 46 साल की practice, एक patented steel plate का invention, और PRP therapy में Melbourne से प्राप्त specialized training इनकी पहचान है। ये Mangalam Clinic & Trauma Centre, Sidhgiri Bagh से operate करते हैं।
Knee Replacement से बचने का कोई तरीका है? हाँ। Grade 1–2 में PRP therapy, calcium, Vitamin D और exercise से arthritis को रोका जा सकता है। Grade 3 में High Tibial Osteotomy (HTO) एक effective option है। Replacement सिर्फ Grade 4 में ज़रूरी होती है।
PRP therapy क्या है और कितनी बार लगती है? PRP यानी Platelet Rich Plasma — मरीज़ का खुद का blood spin करके तैयार किया जाता है। पहली बार में तीन injections 15-15 दिन के अंतर पर, फिर एक महीने बाद एक। उसके बाद हर साल एक booster।
Saigal Steel Plate क्या है? यह एक patented orthopedic implant है जिसे डॉ. सैगल ने खुद design किया। High Tibial Osteotomy में use होती है। इसकी खासियत है कि मरीज़ इसके बाद उकड़ूं और चौकड़ी मारकर बैठ सकते हैं — जो भारतीय जीवनशैली के लिए ज़रूरी है।
कब समझें कि हड्डी के डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है? जब सीढ़ी चढ़ने-उतरने में दर्द हो, पहले से कम चल पाएं, और खासकर जब रात को दर्द की वजह से नींद न आए — तब तुरंत orthopedic surgeon से मिलना चाहिए।
क्या Self-medication सही है? बिल्कुल नहीं। बिना diagnosis के painkillers लेना short-term राहत देता है लेकिन disease को और बढ़ाता है। डॉ. सैगल इसे हिंदुस्तान की सबसे बड़ी medical problems में से एक मानते हैं।
X-ray कैसे करानी चाहिए? सिर्फ लेटकर नहीं — खड़े होकर (standing view) भी। वज़न पड़ने पर घुटने की असली position पता चलती है। बिना इसके सही diagnosis नहीं होती।
डॉ. सैगल से कहाँ और कैसे मिल सकते हैं? Mangalam Clinic & Trauma Centre, D-61/23, A-1, Sidhgiri Bagh, Varanasi – 221 010। Contact: +91-9415204489 / 9889296528 Email: drajitsaigal@gmail.com Website: drajitsaigal.com
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