रात 2 बजे CCTV में जो दिखा, उसने सब कुछ बदल दिया
रात के लगभग 2 बजे थे। लंदन में रहने वाला आरव अपने लैपटॉप पर भारत के पुराने घर की CCTV रिकॉर्डिंग देख रहा था। माता-पिता कुछ दिनों के लिए रिश्तेदारों के यहाँ गए थे, इसलिए घर पूरी तरह खाली था।
स्क्रीन पर सब कुछ सामान्य दिख रहा था। तभी ड्रॉइंग रूम का पंखा अपने आप चलने लगा।
आरव मुस्कुराया, “शायद बिजली वापस आई होगी।”
लेकिन अगले ही पल कैमरे में किसी के धीरे-धीरे सीढ़ियाँ चढ़ने की आवाज़ सुनाई दी। अजीब बात यह थी कि सीढ़ियों पर कोई दिखाई नहीं दे रहा था।
उसने तुरंत पड़ोसी को फोन किया। पड़ोसी ने कहा, “मैं अभी जाकर देखता हूँ।”
कुछ मिनट बाद पड़ोसी घर के अंदर था। वह मोबाइल पर वीडियो कॉल किए हुए हर कमरा दिखा रहा था।
“देखो, यहाँ कोई नहीं है।”
आरव ने राहत की साँस ली। तभी उसकी नज़र CCTV स्क्रीन पर गई।
वीडियो कॉल में पड़ोसी नीचे खड़ा था…
लेकिन CCTV में वही पड़ोसी ऊपर वाली मंज़िल के बंद कमरे के बाहर खड़ा दिखाई दे रहा था।
आरव का गला सूख गया।
“भैया… आप ऊपर कब गए?”
वीडियो कॉल पर पड़ोसी रुक गया।
“मैं तो अभी तक नीचे ही हूँ…”
दोनों कुछ सेकंड तक चुप रहे।
फिर ऊपर वाले कमरे का दरवाज़ा धीरे-धीरे अपने आप खुल गया।
CCTV में खड़ा “पड़ोसी” बिना मुड़े उस कमरे के अंदर चला गया।
वीडियो कॉल वाला असली पड़ोसी घबराकर बाहर भागा और घर का मुख्य दरवाज़ा बंद कर दिया।
अगली सुबह जब सब लोग वापस पहुँचे, ऊपर वाले कमरे में धूल पर सिर्फ़ एक ही पैरों के निशान थे।
वे बाहर की तरफ़ नहीं…
अंदर की तरफ़ जा रहे थे।
आज भी वह कमरा बंद है।
और सबसे डरावनी बात?
हर साल उसी तारीख़, रात 2 बजे, घर की CCTV रिकॉर्डिंग अपने आप शुरू हो जाती है…
जबकि उस घर में अब बिजली का कनेक्शन ही नहीं है।
— समाप्त —
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