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Health Speaks

Glaucoma: The Silent Thief of Sight | बिना चेतावनी कैसे छिन सकती है नज़र | Health Speaks


Story At A Glance

👁️ Glaucoma अक्सर बिना दर्द और बिना स्पष्ट लक्षणों के शुरू होता है।

👁️ कई लोगों को तब तक पता नहीं चलता जब तक नज़र का एक हिस्सा प्रभावित नहीं हो जाता।

👁️ यह बीमारी सबसे पहले peripheral vision यानी किनारों की नज़र को प्रभावित कर सकती है।

👁️ Glaucoma से खोई हुई नज़र सामान्यतः वापस नहीं आती।

👁️ नियमित eye examination समय रहते बीमारी का पता लगाने में मदद कर सकता है।


Dr. Rishi Sethi, Eye Health Specialist at Northern Railway Central Hospital, New Delhi
Expert Insights

Dr. Rishi Sethi

Northern Railway Central Hospital (NRCH), New Delhi

Through InnaMax News’ Health Speaks series, Dr. Rishi Sethi shares practical insights on eye health, glaucoma awareness, early detection, disease prevention, and the everyday choices that can help protect vision for years to come.


Glaucoma क्या है और इसे ‘Silent Thief of Sight’ क्यों कहा जाता है?

एक मरीज डॉक्टर के सामने बैठा था।

उसे पढ़ने में परेशानी नहीं थी।

वह बिना सहारे चल सकता था।

उसे लगता था कि उसकी नज़र बिल्कुल ठीक है।

फिर जांच के दौरान उसे बताया गया कि उसकी peripheral vision यानी किनारों की नज़र का एक हिस्सा पहले ही प्रभावित हो चुका है।

उसे यह समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा कब हुआ।

आखिर जब सब कुछ सामान्य लग रहा था, तो नज़र कब कमजोर होने लगी?

यही वह वजह है जिसके कारण glaucoma को दुनिया भर में “Silent Thief of Sight” कहा जाता है।

यह बीमारी अक्सर बिना दर्द, बिना लालिमा और बिना स्पष्ट चेतावनी के धीरे-धीरे बढ़ सकती है।

और कई बार मरीज को इसकी जानकारी तब मिलती है जब नुकसान शुरू हो चुका होता है।


Eye examination and glaucoma awareness infographic highlighting optic nerve damage, eye pressure, and early detection
ग्लूकोमा की समय रहते पहचान स्थायी दृष्टि हानि के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है।

मरीज को कोई परेशानी महसूस नहीं होती, तब भी Glaucoma कैसे बढ़ता है?

Dr. Rishi Sethi बताते हैं कि glaucoma के कई मरीज शुरुआत में स्वयं को बिल्कुल सामान्य महसूस करते हैं।

वे पढ़ सकते हैं।

चल सकते हैं।

अपना रोज़मर्रा का काम कर सकते हैं।

लेकिन जांच के दौरान पता चलता है कि उनकी peripheral vision यानी किनारों की नज़र काफी प्रभावित हो चुकी है।

कई मरीजों को यह समझ ही नहीं आता कि ऐसा कब हुआ।

कारण यह है कि glaucoma अक्सर बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है।

मस्तिष्क भी समय के साथ बदलावों के अनुरूप खुद को ढाल लेता है।

इसलिए व्यक्ति को महसूस नहीं होता कि उसकी देखने की क्षमता पहले जैसी नहीं रही।

यही glaucoma की सबसे बड़ी चुनौती है।


आँख के भीतर ऐसा क्या होता है जिसे मरीज देख या महसूस नहीं कर पाता?

हमारी आँखों से दिखाई देने वाली तस्वीरों को मस्तिष्क तक पहुँचाने का काम optic nerve करती है।

Glaucoma में यही optic nerve धीरे-धीरे प्रभावित होने लगती है।

Dr. Rishi के अनुसार यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें optic nerve के cells सामान्य गति से अधिक तेजी से क्षतिग्रस्त होने लगते हैं।

कई मामलों में इसका संबंध आँख के अंदर बढ़े हुए pressure से होता है।

हालाँकि glaucoma केवल pressure की बीमारी नहीं है।

यही कारण है कि इसका पता लगाने के लिए विस्तृत eye examination की आवश्यकता होती है।


Patient undergoing advanced retinal imaging and optic nerve scanning for glaucoma diagnosis
ग्लूकोमा के शुरुआती संकेत सामान्य Eye Check-up में नहीं दिखते। कई मामलों में Retina और Optic Nerve की विस्तृत जांच आवश्यक होती है।

आखिर Glaucoma के शुरुआती संकेत इतने लोगों से छूट क्यों जाते हैं?

यदि glaucoma इतना गंभीर है, तो लोग इसे जल्दी क्यों नहीं पहचान पाते?

सबसे बड़ा कारण है इसकी धीमी प्रगति।

शुरुआती चरणों में अक्सर:

  • दर्द नहीं होता
  • लालिमा नहीं होती
  • अचानक दृष्टि नहीं जाती
  • पढ़ने में भी समस्या नहीं आती

बीमारी अक्सर peripheral vision से शुरू होती है।

कई बार व्यक्ति को सामने की चीजें साफ दिखाई देती हैं, लेकिन आसपास का दृश्य धीरे-धीरे सीमित होने लगता है।

glaucoma का खतरा उसके लक्षणों से अधिक उसकी खामोशी में छिपा होता है।


Illustration showing how glaucoma gradually narrows peripheral vision while central vision remains relatively clear.
Many people do not notice glaucoma in its early stages because central vision can remain unaffected for years.

किन लोगों में Glaucoma का खतरा अधिक होता है?

कुछ लोगों में glaucoma का जोखिम अधिक देखा जाता है।

इनमें शामिल हैं:

  • बढ़ती आयु
  • परिवार में glaucoma का इतिहास
  • उच्च eye pressure
  • Diabetes
  • लंबे समय तक steroid medicines का उपयोग

जो लोग इन श्रेणियों में आते हैं, उनके लिए नियमित screening और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।


जब मरीज कहता है “मुझे तो सब ठीक दिख रहा है”, तब डॉक्टर क्या देखते हैं?

कई लोग eye doctor के पास केवल तब जाते हैं जब उन्हें कोई परेशानी महसूस होती है।

लेकिन glaucoma इसी सोच को चुनौती देता है।

Eye specialists केवल यह नहीं देखते कि व्यक्ति कितना साफ पढ़ पा रहा है।

वे optic nerve की स्थिति, eye pressure और vision field जैसे संकेतों का भी मूल्यांकन करते हैं।

कई मरीजों को बीमारी का पता तब चलता है जब उन्हें लगता है कि वे पूरी तरह ठीक हैं।


Retinal analysis monitor displaying optic nerve assessment used in glaucoma screening and diagnosis
ग्लूकोमा का प्रभाव अक्सर Optic Nerve पर दिखाई देता है, इसलिए विस्तृत Retinal Analysis इसकी पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Glaucoma में देर से पता चलना इतना खतरनाक क्यों साबित हो सकता है?

यह glaucoma से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है।

और शायद सबसे कठिन उत्तर भी।

Cataract में खोई हुई रोशनी अक्सर वापस लाई जा सकती है, लेकिन Glaucoma से खोई हुई नज़र सामान्यतः वापस नहीं आती।

यही वजह है कि इस बीमारी में समय सबसे बड़ा कारक बन जाता है।

हालाँकि उपचार उपलब्ध हैं।

Medicines, laser procedures और आधुनिक glaucoma surgeries बीमारी की प्रगति को धीमा करने में मदद कर सकती हैं।

उद्देश्य होता है:

जो नज़र बची हुई है, उसे सुरक्षित रखना।


क्या एक सामान्य eye check-up आपकी नज़र बचा सकता है?

कई बार सबसे महत्वपूर्ण बीमारी वही होती है जिसके बारे में हमें कोई शिकायत नहीं होती।

Glaucoma इसी श्रेणी की बीमारी है।

यदि बीमारी समय रहते पहचान ली जाए तो उपलब्ध उपचारों की मदद से लंबे समय तक नज़र को सुरक्षित रखा जा सकता है।

इसलिए eye examination केवल चश्मे का नंबर जानने का माध्यम नहीं है।

यह भविष्य की नज़र की सुरक्षा का भी एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

क्योंकि कभी-कभी सबसे बड़ा खतरा वही होता है जो दिखाई नहीं देता।


Patient undergoing a detailed eye examination using modern diagnostic equipment.
कई गंभीर समस्याएँ शुरुआती चरण में बिना स्पष्ट लक्षणों के विकसित हो सकती हैं।

सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या glaucoma के मरीज को जीवन भर दवा लेनी पड़ सकती है?

कुछ मरीजों को लंबे समय तक eye drops या अन्य उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है। यह बीमारी की अवस्था और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।


क्या मोबाइल या TV देखने से glaucoma होता है?

नहीं। वर्तमान वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार मोबाइल या TV देखने से सीधे glaucoma नहीं होता। हालांकि अत्यधिक स्क्रीन उपयोग आँखों में थकान और dryness बढ़ा सकता है।


क्या glaucoma के मरीज गाड़ी चला सकते हैं?

यह बीमारी की अवस्था पर निर्भर करता है। यदि peripheral vision प्रभावित हो चुकी हो तो driving क्षमता पर असर पड़ सकता है। अंतिम निर्णय eye specialist की सलाह पर आधारित होना चाहिए।


क्या बिना डॉक्टर की सलाह के eye drops इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

हमेशा नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार steroid eye drops का अनियंत्रित उपयोग कुछ लोगों में eye pressure बढ़ा सकता है। इसलिए किसी भी eye medicine का उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।


क्या glaucoma केवल बुजुर्गों को होता है?

जोखिम उम्र के साथ बढ़ता है, लेकिन बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। कुछ प्रकार कम उम्र में भी देखे जा सकते हैं।


परिवार में glaucoma हो तो क्या बाकी लोगों को भी जांच करवानी चाहिए?

हाँ। Family history glaucoma का एक महत्वपूर्ण risk factor माना जाता है। ऐसे परिवारों में नियमित eye screening अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।


Glaucoma के मरीज को follow-up क्यों नहीं छोड़ना चाहिए?

Glaucoma में उपचार का उद्देश्य खोई हुई नज़र लौटाना नहीं, बल्कि बची हुई नज़र को सुरक्षित रखना होता है। इसलिए नियमित follow-up उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


Eye care specialist sharing a message on glaucoma awareness, preventive eye care, and the importance of regular eye check-ups
“आंखों की रोशनी खोने के बाद उसका महत्व समझ में आता है। समय पर जांच ही दृष्टि सुरक्षा का सबसे सरल उपाय है।

आपकी नज़र की कहानी क्या कहती है?

क्या आपने कभी केवल चश्मे का नंबर जांचने के लिए eye check-up करवाया और कोई बड़ी समस्या सामने आई?

या आपके परिवार में किसी को glaucoma, cataract या किसी अन्य eye disease का पता routine जांच के दौरान चला?

हमें लिखें।

क्योंकि कई बार किसी एक व्यक्ति का अनुभव किसी दूसरे की नज़र बचाने की वजह बन सकता है।

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