“रामलला के नए द्वार के सामने बैठे रमेश जी ने कहा — ‘यह गली अब पहचानी नहीं जाती’
नए मंदिर के सामने बैठे रमेश जी की कहानी, जिसमें अयोध्या की पुरानी गलियाँ अब सिर्फ़ यादों में बची हैं।
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Read MoreFailure हमें कम रोकता है। उसका डर हमारे फैसले, आत्मविश्वास और भविष्य की कल्पना को ज़्यादा रोक देता है।
Read Moreवाराणसी के वसंत महिला महाविद्यालय में NCC कैडेट्स ने वृक्षारोपण अभियान को Certificate accountability से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण की नई पहल शुरू की।
Read Moreहमारे आसपास का वातावरण हमेशा हमारी पसंद का नहीं होता। कभी लोग नकारात्मक होते हैं, कभी परिस्थितियाँ कठिन। लेकिन क्या
Read Moreहम रोज़ कई Rituals निभाते हैं, लेकिन क्या Inner Change भी होता है, या सिर्फ़ आदतें दोहराते रहते हैं?
Read Moreएक छोटे से मेडल, पिता की डायरी और अधूरे इंतज़ार ने बेटे को बहुत देर से वह एहसास कराया, जो समय रहते समझना चाहिए था।
Read Moreहर काम में Speed ज़रूरी नहीं होती। सही जगह Attention to Detail ही वह भरोसा बनाती है, जिस पर पूरी Team निर्भर करती है।
Read Moreहम हर परिस्थिति में balance क्यों खो देते हैं? भगवद्गीता की एक पंक्ति के ज़रिए समझिए कि emotions नहीं, उनकी व्याख्या हमें ज़्यादा प्रभावित करती है।
Read Moreआख़िरी ओवर में एक लड़के ने सिर्फ़ मैच नहीं जिताया, उसने पहली बार पूरे गाँव का भरोसा भी जीत लिया।
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