Medical Students को पढ़ी हुई बीमारी अपने अंदर क्यों दिखने लगती है? Third Year Syndrome समझिए
Medical students जब diseases पढ़ने और patients को देखने लगते हैं, तो textbook के symptoms कभी-कभी उन्हें अपने शरीर में भी क्यों दिखने लगते हैं?
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Read Moreहर छोटे-बड़े symptom को Google और AI पर search करना awareness नहीं, anxiety का cycle भी बना सकता है। Dr Pankaj Srivastava ने बताया कि कब health awareness self-diagnosis में बदलने लगती है।
Read Moreएक तेज़ digital दुनिया में थोड़ा ठहरकर प्यार करने की कोशिश—Hey Sun Rahe Ho Tum, Nisha Singh “Anju” के lyrics के साथ।
Read More50 phone calls का एक routine बताता है कि communication सिर्फ काम नहीं, बल्कि listening, connection और regular human contact भी हो सकता है।
Read Moreएक ही कमरे में साथ बैठे परिवार के लोग अगर अपने-अपने Mobile में व्यस्त हों, तो क्या साथ होना और connected होना एक ही बात है?
Read Moreसारनाथ के पास एक गांव में 15–20 महिलाओं का एक छोटा-सा समूह, स्टील का बक्सा, रजिस्टर और एक महिला जो खुद कोषाध्यक्ष बताती है। मीना चौबे के इस अनुभव में ग्रामीण महिलाओं की बदलती आर्थिक भूमिका की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण तस्वीर दिखाई देती है।
Read MoreNutrition की समझ सिर्फ healthy food तक सीमित नहीं; Dr. Priya Gupta बताती हैं कि timing, quantity और lifestyle मायने रखते हैं।
Read Moreराजनीति लक्ष्य नहीं थी, लेकिन सामाजिक काम, लेखन और संगठन से शुरू हुआ मीना चौबे का करीब 30 साल का सार्वजनिक सफर।
Read Moreकाशी का Om Shiva Foundation समाज सेवा के लिए एक अलग मॉडल की बात करता है—न सालाना फीस, न बड़े चंदे पर निर्भरता। Deepak Kumar Srivastava और Prakash Singh ने The Sudhanshu Show पर इसके काम और सोच के बारे में बताया।
Read MoreLuxury Property Delhi-NCR खरीदने से पहले location, connectivity, construction और neighbourhood को समझिए—Kunal Gaurav की बातचीत से सामने आई practical buyer checklist.
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