StoryLab

जब दोस्त अचानक दूर हो जाता है — बिना किसी लड़ाई के

एक दिन आप notice करते हो — उसने आखिरी बार text कब किया था?

और जवाब याद नहीं आता।

कोई fight नहीं हुई। कोई बड़ी बात नहीं हुई। कोई “हम अब दोस्त नहीं” वाला moment नहीं था। बस — धीरे-धीरे, बिना किसी आवाज़ के, वो दूर हो गया

यह feeling बहुत अजीब होती है। क्योंकि इसे किसी को explain करना मुश्किल है। किसी ने कुछ किया नहीं। तो दुख किस बात का?

लेकिन दुख होता है। और वो real है।


Graphic poster titled “The Silent Fade: जब दोस्त अजनबी बन जाते हैं” showing two silhouettes walking away from each other on a misty road at sunset.

वो दूरी जो दिखती नहीं

कभी-कभी friendship ऐसे खत्म नहीं होती जैसे कोई दरवाज़ा बंद होता है।
वो ऐसे खत्म होती है जैसे रोशनी धीरे-धीरे कम होती है — और एक दिन आप अँधेरे में होते हो, यह समझे बिना कि कब हुआ यह।

पहले replies late आने लगते हैं।
फिर plans बनते हैं जो cancel होते हैं।
फिर plans बनने भी बंद हो जाते हैं।

फिर एक दिन उसकी Instagram story देखते हो — और realize होता है कि वो ठीक है। बस आपके बिना।

और वो सबसे अजीब वाला दर्द होता है।


Minimal illustration of a person holding a puzzle piece representing a missing version of themselves after friendship fades.
कभी-कभी हम दोस्त नहीं, अपना एक हिस्सा खोते हैं।

यह किसकी गलती है?

शायद किसी की नहीं।

Life बदलती है।
College खत्म होता है।
Jobs अलग cities में होती हैं।
Priorities shift होती हैं।

हर इंसान अपनी-अपनी दुनिया में busy हो जाता है।

और कभी-कभी दो लोग — जो एक वक्त पर एक-दूसरे के बिना कुछ imagine नहीं कर सकते थे — बस अलग-अलग directions में grow करते हैं।

यह betrayal नहीं है।
यह बस life है

लेकिन यह जानते हुए भी — hurt तो होता ही है।


Two young women sitting back-to-back on separate benches in a park at sunset, symbolizing emotional distance in friendship.
कभी-कभी दोस्त पास होते हुए भी दूर हो जाते हैं।

क्योंकि आप उस version of yourself को भी miss करते हो जो उस दोस्त के साथ था।

वो inside jokes
वो रातों को की हुई बातें।
वो एक specific feeling जो सिर्फ उसके साथ होती थी।

वो सब अब कहाँ है?


सबसे मुश्किल हिस्सा — Closure नहीं मिलता

जब कोई relationship fight के साथ खत्म होती है — तो कम से कम एक moment होता है। एक last conversation। एक reason

लेकिन जब दोस्ती बिना किसी आवाज़ के दूर होती है — तो वो moment नहीं होता।

कोई closure नहीं होता।

और तब मन करता है —

  • क्या मुझे message करना चाहिए?
  • क्या मैंने कुछ किया?
  • क्या वो ठीक है?
  • क्या उसे परवाह है?

यह सवाल घूमते रहते हैं।
और जवाब नहीं मिलते।

कभी-कभी closure नहीं मिलती — और यह accept करना ही healing है।


Graphic showing the words ‘Closure नहीं मिलता’ with swirling circular brush design symbolizing unanswered questions.

तो क्या करें इस feeling का?


इसे feel करने दो

यह pretend मत करो कि “कोई बात नहीं, ऐसा होता है।”
होता है — लेकिन hurt भी करता है।
दोनों सच हो सकते हैं एक साथ।


एक बार reach out कर सकते हो

अगर genuinely जानना है कि क्या हुआ — तो एक simple message भेज सकते हो:

“Hey, कैसा है? काफी time हो गया।”

बिना pressure।
बिना complaint।
बस एक door खुला छोड़ो


अगर जवाब नहीं आता

तो उस friendship को वो जगह दो जो वो deserve करती है।

Memory में।
Gratitude के साथ।
Bitterness के बिना

हर दोस्त हमेशा के लिए नहीं होता।

कुछ लोग एक specific chapter के लिए आते हैं।
और जब वो chapter खत्म होता है — वो दोस्ती कम real नहीं हो जाती।

वो थी।
वो मायने रखती थी।
और यह enough है।


एक आखिरी बात

अगर आज आपके मन में कोई पुराना दोस्त आया — जिससे बात हुए काफी time हो गया — तो शायद यह article एक sign है।

कभी-कभी healing एक simple message से शुरू होती है।


Soft-toned graphic encouraging readers to message an old friend today.

— StoryLab


Related Reads:

👉 उसने पहले Message करना बंद किया — और वहीं से Relationship बदलने लगा

👉 Indian Men और Feelings — जो बोलते नहीं, वो टूट जाते हैं


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *