“शहर छोड़ना ही Success नहीं”: एक फैसले ने Tier-3 Cities में Local Jobs बनाए
भारत में सफलता को अक्सर एक ही रास्ते से जोड़ा जाता है —
छोटा शहर छोड़ो, बड़े शहर जाओ, और वहीं ज़िंदगी बनाओ।
लेकिन एक founder ने इस सोच को ही चुनौती दी — और हजारों युवाओं के लिए काम को घर के पास ले आया।
जब एक इंसान अपना फैसला बदलता है, तो कई ज़िंदगियाँ दिशा बदल लेती हैं।
Santosh Mahalingam ने वही रास्ता चुना था जो लाखों भारतीय चुनते हैं।
Career के लिए metro city,
professional growth के लिए relocation,
और personal life को पीछे छोड़ देना।
लेकिन समय के साथ उन्हें एक uncomfortable सच्चाई दिखने लगी।
काम digital हो चुका था।
Processes cloud पर चल रही थीं।
फिर भी लोग अपने परिवार, भाषा और hometown से दूर क्यों जा रहे थे?
यहीं से एक सवाल जन्मा —
“अगर काम कहीं से भी हो सकता है, तो इंसान को मजबूरी में migrate क्यों करना पड़े?”
Decision That Changed Direction
यह सवाल सिर्फ philosophical नहीं था।
यह lived experience से आया था — travel, cost of living, burnout, and emotional distance से।
Santosh ने traditional startup race में दौड़ने के बजाय
एक अलग फैसला लिया:
काम को शहरों से निकालकर, लोगों के शहरों तक ले जाया जाए।
इसी सोच से जन्म हुआ Mikro Grafeio का।

🎧 सुनिए: InnaMax Impact Audio
- ▶️ Part 1: कहानी की शुरुआत
- ▶️ Part 2: फैसला
- ▶️ Part 3: मॉडल
- ▶️ Part 4: सोच और समाधान
Founder-Led Model, Not Just a Company
Mikro Grafeio किसी single office-based company की तरह नहीं बना।
Santosh ने:
- Tier-2 और Tier-3 cities को चुना
- Local youth को identify किया
- उन्हें structured work culture और training दी
- और corporate backend work hometowns तक पहुँचाया
यह charity नहीं थी।
यह professional, salaried, accountable work था।
👉 शहर से नहीं, सोच से दूरी खत्म होती है
Impact जो ज़मीन पर दिखा
इस फैसले का असर numbers से पहले ज़िंदगियों में दिखा।
वे युवा जो:
- migration plan कर चुके थे
- family छोड़ने की तैयारी में थे
- unstable contract jobs में फँसे थे
आज:
- अपने ही शहर में regular income पा रहे हैं
- family के साथ रहकर professional growth देख रहे हैं
- dignity के साथ काम कर रहे हैं
यह सिर्फ employment नहीं,
life stability का impact है।

नेतृत्व और मार्गदर्शन से बनती कार्यसंस्कृति
Why Founder Journey Matters Here
अगर यह idea सिर्फ PowerPoint में रहता, तो impact नहीं बनता।
Impact बना क्योंकि:
- Founder ने खुद migration pressure देखा
- Risk समझा
- और फिर centralised success narrative से बाहर निकले
यह courage rare है —
और impact stories वहीं से पैदा होती हैं।
Larger Lesson for India’s Youth
हर युवा entrepreneur नहीं बनेगा।
हर युवा startup नहीं चलाना चाहता।
लेकिन हर युवा चाहता है:
- सम्मान
- स्थिर income
- अपने लोगों के पास रहने का हक
Santosh का फैसला यही याद दिलाता है:
सफलता का मतलब हमेशा शहर बदलना नहीं होता।
कभी-कभी सिस्टम बदलना ही असली growth होती है।

डिजिटल काम से स्थानीय रोजगार का मॉडल
आज की Generation के लिए
जब काम को इंसान के हिसाब से ढाला जाता है,
तो migration मजबूरी नहीं, choice बन जाती है।






SAHI BAAT HAI..LEKIN ITNA SAAHAS BHI HONA CHAIYE