ऑफिस में हर काम के लिए हाँ बोल रहे हो? Boundaries न होने से करियर टूट रहा है आज हर ऑफिस में एक ऐसा इंसान ज़रूर होता है जो हर काम में हाँ कहता है।
नतीजा? फोकस खत्म, एनर्जी खत्म, क्रिएटिविटी खत्म। Boundaries सेट करना selfishness नहीं, self-care है।
कहना सीखो: “अगले हफ्ते से ले सकता हूँ” |
“अभी कैपेसिटी फुल है” |
“ईमेल फिक्स्ड टाइम पर चेक करता हूँ” जब आप खुद की रक्षा करते हैं, आपका काम और ग्रोथ 10X बेहतर होती है।
आपने अपनी कौन-सी बाउंड्री सेट की है? कमेंट करें।

