हर ऑफिस में एक ऐसा सुपरस्टार होता है – जो सबसे तेज़, सबसे भरोसेमंद, सबसे ज्यादा डिलीवर करता है।
फिर क्या होता है? हर नया प्रोजेक्ट, हर “urgent” टास्क, हर लास्ट-मिनट काम उसी की टेबल पर पहुँच जाता है।
शुरुआत में वो सोचता है – “वे मुझ पर ट्रस्ट करते हैं।”
तीन-चार महीने बाद वही सोच बदल जाती है – “वे मेरा फायदा उठा रहे हैं।”
रिसर्च साफ़ कहती है: टॉप परफॉर्मर्स सबसे पहले छोड़कर जाते हैं जब उनको ओवरलोड किया जाता है।
क्योंकि वो कमज़ोर नहीं होते – वो बस थक जाते हैं। टैलेंट को रिवॉर्ड दो, बोझ मत दो।
अगर आपका बेस्ट एम्प्लॉयी चुपचाप रिज़्यूमे अपडेट कर रहा है – तो समझ जाओ कहाँ गलती हो रही है।
आपके ऑफिस में भी टॉप परफॉर्मर को सुपरहीरो समझा जाता है? कमेंट करें।

