UIDAI बहुत जल्द लॉन्च करने वाला है “स्मार्ट आधार कार्ड” – जिस पर आपका नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर… कुछ भी नहीं लिखा होगा।
सिर्फ़ आपकी फोटो और एक बड़ा QR कोड।
अब जब होटल, बैंक, सिम कार्ड या कहीं भी आधार मांगेंगे तो फोटोकॉपी देने की ज़रूरत नहीं।
वो अपना ऑथराइज़्ड स्कैनर लगाएंगे → QR स्कैन → सिर्फ़ हाँ/नहीं जवाब आएगा कि आप वही व्यक्ति हैं या नहीं।
आपका पूरा डेटा किसी के पास नहीं जाएगा।
साथ ही आएगा नया mAadhaar 2.0 ऐप:
PVC कार्ड की ज़रूरत भी खत्म – फोन ही आपका आधार बन जाएगा
एक ही ऐप में 5 फैमिली मेंबर्स का डिजिटल आधार
फेस ऑथेंटिकेशन + फिंगरप्रिंट + बायोमेट्रिक लॉक
आप चुन सकेंगे कि कौन-सी जानकारी शेयर करनी है और कौन-सी नहीं
पहले क्या होता था? होटल में चेक-इन → फोटोकॉपी → वो कागज़ कहीं भी पड़ा रह जाता था। सिम लेने गए → फोटोकॉपी → दुकानदार के पास आपका पूरा डेटा। अब वो सारे रिस्क हमेशा के लिए खत्म।
दुनिया के कई देश पहले से मास्क्ड ID इस्तेमाल करते हैं – सिंगापुर, एस्टोनिया, दक्षिण कोरिया। भारत अब उनसे आगे निकलने जा रहा है।
लेकिन सवाल ये भी है – क्या सिर्फ़ QR से सबकुछ वेरिफाई हो पाएगा? छोटे दुकानदारों के पास स्कैनर कहाँ से आएगा? और अगर फोन खो गया तो?
UIDAI का जवाब:
- हर पंचायत और किराना स्टोर पर 2026 तक फ्री स्कैनर पहुँच जाएंगे
- फोन खोने पर भी बायोमेट्रिक से रिकवर हो जाएगा
- पुराना वाला आधार भी चलता रहेगा – कोई जबरदस्ती नहीं
तो बताइए – आपको ये प्राइवेसी वाला नया आधार कैसा लग रहा है? क्या नाम-पता हटाना सही कदम है या पुराना वाला ही ठीक था? कमेंट में ज़रूर बताएं – सबसे अच्छे कमेंट को हम स्टोरी में फीचर करेंगे!

