Tulsi Ghat पर नई ‘SUVIDHA’ – अब Ganga स्नान होगा Safe, Dignified & Stress-Free
वाराणसी की पहचान सिर्फ़ आध्यात्मिकता नहीं, बल्कि लाखों यात्रियों की उम्मीदों और अनुभवों से भी जुड़ी है। सुबह-सुबह जब महिलाएँ गंगा स्नान के लिए घाट आती हैं, तो भक्ति के साथ एक असहज सवाल भी हमेशा साथ चलता था —
“बदला कहाँ जाए?”
Public spaces में privacy का एक छोटा-सा सवाल… पर असल में यह dignity, safety और comfort का बड़ा मुद्दा था। और अब इसी कमी को दूर करने के लिए Tulsi Ghat पर महिलाओं के लिए नया ‘SUVIDHA’ Changing Room बनाया गया है — एक ऐसा कदम जो छोटा दिखता है, पर impact बहुत बड़ा है।
“ये सिर्फ़ सुविधा नहीं – सम्मान है”
कई महिला यात्रियों से बात करने पर एक बात common मिली —
गंगा स्नान के बाद कपड़े बदलना हमेशा एक struggle रहा।
कहीं सीढ़ियों के पीछे, बाल्टी के पीछे, या दुपट्टा पकड़कर — privacy ढूँढना पड़ता था।
एक स्थानीय महिला कहती हैं,
“भक्ति में मन लगाना मुश्किल हो जाता था… दिमाग हमेशा यही सोचता था कि लोग देख तो नहीं रहे?”
अब Tulsi Ghat पर जो नया महिला-फ्रेंडली changing room बना है, वह Rotary Club Banaras Shine और स्थानीय सहयोगियों की initiative है — जिसमें साफ-सफाई, privacy और सुरक्षित space पर खास ध्यान दिया गया है।
भारत में public spaces traditionally women-centric नहीं रहे हैं। Toilets, feeding rooms, changing rooms – ये basic सुविधाएँ luxury की तरह महसूस होती हैं।
लेकिन यह बदलाव बताता है कि
City विकास का मतलब केवल बिल्डिंग्स नहीं – बल्कि इंसानी ज़रूरतें भी हैं।
और जब यह बदलाव दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहर — वाराणसी — में हो रहा हो, तो इसका symbolic meaning और भी बड़ा हो जाता है।
दुनियाभर में cities अब gender-inclusive urban design पर काम कर रही हैं।
Varanasi का यह कदम उसी दिशा में एक thoughtful example है।
क्योंकि:
✔ Women feel safe
✔ Tourists feel comfortable
✔ Pilgrimage experience बेहतर होता है
✔ City image progressive बनती है
यानी – Faith + Comfort + Dignity = Real Development
यह project सरकार के बजट से नहीं – बल्कि community participation और civic responsibility से बना है।
यानी लोग शहर के लिए आगे आए और कहा – “अगर बदलाव चाहिए तो हम भी जिम्मेदार हैं।”
यही भावना InnaMax के लिए भी खास है – क्योंकि असली Impact वहीं होता है
जहाँ लोग मिलकर solutions create करते हैं।
Young India के लिए Meaning क्या है?
आज की youth चाहती है: Equal spaces, Dignity, Safety, Sensitivity
यह facility बस एक changing room नहीं – यह message है कि Public spaces सबके लिए हैं।
आगे क्या? अगर एक घाट पर ऐसा हो सकता है तो पूरे देश में क्यों नहीं?
Imagine: हर तीर्थस्थल, हर पर्यटन स्थल, हर नदी किनारा, women-friendly हो जाए… तो कितना कुछ बदल सकता है।
Varanasi का यह छोटा-सा बदलाव हमें याद दिलाता है –
Impact हमेशा loud नहीं होता – कभी-कभी वह quietly dignity देता है।
और dignity ही सबसे बड़ी सुविधा है।

