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Railway की 4 Multi-Tracking परियोजनाओं को हरी झंडी

देश में 4 नई मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी, कनेक्टिविटी सुधरेगी

केंद्र सरकार ने 7 अक्टूबर 2025 को रेलवे की चार बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। लगभग ₹24,634 करोड़ की लागत वाली इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क में करीब 894 किलोमीटर नई ट्रैक क्षमता जुड़ जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य माल ढुलाई और यात्री परिवहन को तेज, सुरक्षित और अधिक कुशल बनाना है।

इन नई लाइनों से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ सहित 18 जिलों और 3,600 से अधिक गांवों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। रेल मंत्रालय का कहना है कि इससे logistics लागत कम होगी और देश की माल परिवहन अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।

उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कृषि, औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों में भी इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है। कई राज्यों, विशेषकर उत्तर प्रदेश, को बेहतर last-mile connectivity और आर्थिक अवसर मिलने की उम्मीद है।

रेल उपयोगकर्ताओं के लिए भी यह बड़ी राहत साबित हो सकती है — नई मल्टी-ट्रैकिंग से ट्रैफिक दबाव और भीड़भाड़ घटेगी, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों की समयपालन, स्पीड और विश्वसनीयता में सुधार होगा।

सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं को अगले छह वर्षों में पूरा किया जाएगा। इस अवधि में योजनाबद्ध तरीके से भूमि अधिग्रहण, ट्रैक बिछाने और सिग्नलिंग सिस्टम का विकास जारी रहेगा।

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