साल था 1901।
उस ज़माने में जब भारत में रेल अभी-अभी चलनी शुरू हुई थी, जर्मनी ने कुछ ऐसा बना दिया जो आज भी पूरी दुनिया को हैरान करता है – Wuppertaler Schwebebahn।
ट्रैक ऊपर, ट्रेन नीचे लटकी हुई, हवा में उड़ती हुई।
ये कोई टूरिस्ट अट्रैक्शन नहीं है – ये रोज़ का पब्लिक ट्रांसपोर्ट है।
रोज़ 85,000 लोग इस्तेमाल करते हैं।
नीचे नदी बहती है, बाज़ार है, पुराने घर हैं – और ऊपर से ट्रेन शांति से सरकती है।
124 साल हो गए, एक दिन भी नहीं रुकी।
इंजीनियर Eugen Langen ने इसे बनाया था ताकि पहाड़ी शहर वुपर्टाल में ट्रैफिक की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाए।
आज ये दुनिया की सबसे पुरानी suspended railway है और अभी भी 100% परफेक्ट चल रही है।
जरा सोचिए – कोई ट्रैफिक जाम नहीं, कोई हॉर्न नहीं, कोई धुआँ नहीं।
सिर्फ़ शांति और खूबसूरत नज़ारे।
भारत में भी अगर ऐसी हवा वाली ट्रेन बने तो सबसे पहले कहाँ बननी चाहिए – वाराणसी, शिमला, मसूरी या मुंबई? कमेंट करें!

